हम चैन से देखो जगते हैं |
जब बारिष होती रहती है ,
जब आँख से आंसू आते हैं ,
हम उसमे भी हंस लेते हैं |
जब सारी दुनिया सोती है ,
हम चैन से देखो जगते हैं |
जब दुश्मन आगे होता है ,
सर धड़ से अलग कर देते हैं |
जब जंग-ए-मैदान थर्राता है ,
हम कफ़न बाँध चल देते हैं |
जब सारी दुनिया सोती है ,
हम चैन से देखो जगते हैं ||
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